1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अब साउथ कोरिया से नाराज हुए ट्रंप! जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज में कटौती का दिया आदेश, जानिए वजह

अब साउथ कोरिया से नाराज हुए ट्रंप! जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज में कटौती का दिया आदेश, जानिए वजह

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 17, 2026 07:10 am IST,  Updated : Aug 17, 2026 07:51 am IST

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर साउथ कोरिया के रुख से नाराज होकर जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज में कटौती का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के मसले पर साउथ कोरिया ने अमेरिका का सपोर्ट नहीं किया।

Donald Trump- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक कुछ ऐसे फैसले लेते हैं जो पूरी दुनिया चौंका देती है। चाहे वेनेजुएला में अमेरिकी सेना का सैन्य ऑपरेशन हो, टैरिफ का मामला हो या फिर ईरान पर उनके बदलते रुख ने वैश्विक व्यवस्था में काफी उथल-पुथल मचाई है। अब ट्रंप ने पेंटागन को आदेश दिया है कि व साउथ कोरिया के साथ प्लान किए गए जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज में कटौती करे। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान है। ट्रंप ने कहा कि साउथ कोरिया ईरान को डीन्यूक्लियर बनाने में मदद करने से मना कर रहा है। इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया के प्रति उन्होंने अपनी नरमदिली और किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला दिया।

महंगी एक्सरसाइज, नॉर्थ कोरिया के लिए गलत संकेत: ट्रंप

ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस हफ़्ते शुरू होने वाली एक्सरसाइज न सिर्फ़ महंगी हैं, बल्कि नॉर्थ कोरिया के लिए एक ऐसा संकेत भेजती हैं जो पूरी तरह से गलत और दुश्मनी भरा है। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान कभी नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को धमकी नहीं दी, बल्कि सम्मानजनक व्यवहार रहा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल में साउथ कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त कराने के अमेरिकी प्रयासों में साथ देने को कहा था, लेकिन सियोल ने इससे इनकार कर दिया।

साउथ कोरिया ने ईरान के मुद्दे पर हमारा समर्थन नही किया: ट्रंप

ट्रंप ने लिखा, "इसलिए, और इस बात को देखते हुए कि इसे कैंसिल करने में बहुत देर हो चुकी है, मैंने सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, पीट हेगसेथ को जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ को काफ़ी कम करने का निर्देश दिया है! मैंने हाल ही में साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट से पूछा कि क्या वे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के डीन्यूक्लियराइज़ेशन में हमारा साथ देना चाहेंगे, और उन्होंने कहा, "नहीं, धन्यवाद!"

ट्रंप प्रशासन के नज़रिए में बड़ा बदलाव

राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम को किसी सहयोगी देश से दूरी बनाकर एक ऐसे देश के लीडर के पक्ष में खड़े होने के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा जिसे पिछले अमेरिकी प्रशासन दुश्मन के रूप में देखते रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ जंग में उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिलने पर नाटो के सहयोगी देशों की भी आलोचना की थी। हाल के महीनों में साउथ कोरिया को लेकर ट्रंप प्रशासन के नज़रिए में यह एक बड़ा बदलाव है।

जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज का उद्देश्य क्या था?

दरअसल, 11 दिनों तक चलने वाले जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज में करीब 18,000 साउथ कोरियन सैनिकों के शामिल होने की योजना थी। इसका उद्देश्य नॉर्थ कोरिया से संभावित खतरों के खिलाफ दोनों देशों की सैन्य तैयारी और संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करना था। इस मिलिट्री एक्सरसाइज की प्लानिंग नॉर्थ कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ के बैन को तोड़कर बैलिस्टिक मिसाइल टेस्टिंग एक्टिविटीज़ फिर से शुरू करने के कुछ दिनों बाद शुरू हुई थी।

ट्रंप के इस फैसले की डेमोक्रेटिक सेनेटर मार्क केली ने कड़ी आलोचना की है। केली ने ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कि इन जॉइंट एक्सरसाइज को नज़रअंदाज़ करना गलत है। यह  छोटी सोच को दर्शाता है। बता दे कि हाल ही में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर पूरा कंट्रोल है और उनका देश इसे बनाए रखने का इरादा रखता है।

ये भी पढ़ें:

क्या ईरान से लड़ते-लड़ते थक गए अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिक? हुआ वापसी का ऐलान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश